आबे ज़म ज़म

 

आबे ज़म ज़म – बरकतों से भरा पानी

आबे ज़म ज़म वो मुबारक पानी है जो मक्का मुअज़्ज़मा में काबा शरीफ़ के पास वक़्त-ए-हजरा से बहता आ रहा है। इसकी शुरूआत हज़रत इब्राहीम अ.स. और हज़रत इस्माईल अ.स. की क़िस्से से जुड़ी है, जब अल्लाह ने हज़रत हाजरा अ.स. की दुआ पर इस पानी का ज़रिया पैदा किया। आबे ज़म ज़म को शिफ़ा और बरकत का पानी कहा जाता है। इसका हर क़तरा पाक, ताज़गीभरा और इलाही रहमत का निशान है। आज भी करोड़ों मुसलमान इसे इबादत और सेहत की नीयत से पीते हैं, क्योंकि इसमें ईमान और दुआ की मिठास बसती है।

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