New : तेजस दुर्घटना

 🇮🇳भारत का तेजस जेट दुबई एयर शो 2025 में दुर्घटनाग्रस्त 🇮🇳


💡दुनिया की विमानन-प्रदर्शनी में खास स्थान रखने वाले दुबई एयर शो (17–21 नवंबर 2025) का आखिरी दिन एक बहुत बड़ी घटना की गवाह बना। भारतीय वायुसेना का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान  तेजस (Tejas) एक शानदार एयर शो प्रदर्शन के दौरान नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे पायलट 👮की जान चली गई। यह हादसा आत्मविश्वास और गर्व के एक मंच पर व्यथित चुप्पी छोड़ गया।

🔷हादसे का विवरण🔷

👉घटना स्थानीय समय के अनुसार दोपहर लगभग 2:10 बजे हुई, जब तेजस विमान अपनी डेमो उड़ान के दौरान low altitude जटिल करतब कर रहा था। 

👉गवाहों ने बताया कि विमान कुछ ही पलों में असंतुलन में आ गया, और फिर तेज़ी से नीचे की ओर झुका। 

👉इसके तुरंत बाद विमान जमीन पर गिरा और एक बड़ा आग का गोला बन गया, साथ ही काला धुँआ ऊँचे आसमान में उठता दिखा। 

👉आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं, और फायरफाइटर यंत्र आग बुझाने में लगीं। 

👉भारतीय वायुसेना ने पुष्टि की कि पायलट को गंभीर चोटें आईं और उनकी मृत्यु हो गई। 

👉इस हादसे की तात्कालिक प्रतिक्रिया में, एक कोर्ट ऑफ इनक्वायरी (जांच समिति) का गठन किया गया है, ताकि दुर्घटना के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा सके। 

👌तेजस विमान की खासियत👌

👉तेजस एक 4.5-जनरेशन मल्टी-रोल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) है, जिसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है। 

👉यह सिंगल इंजन वाला, हल्का और सुपरसोनिक जेट है, जिसे लड़ाकू अभियानों के अलावा एयर-डिफेंस और गहन क्षति मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

👉खास बात यह है कि तेजस में Martin-Baker “zero-zero” इजैक्शन सीट लगी है, जो पायलट👮 को बहुत कम ऊंचाई और कम गति पर भी सुरक्षित रूप से बाहर निकलने की सुविधा देती है। 

👉भारत के लिए यह एक गर्व का विमान रहा है और वायुसेना की आधुनिकता में एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जाता है। 

⚡पिछला इतिहास और चिंता यह तेजस का इतिहास में दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान के पास एक ट्रेनिंग उड़ान के दौरान तेजस दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, लेकिन उस समय पायलट 👮सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया था। 

⚡दुर्घटना के कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर तेजस के रनवे पर “तेल रिसाव” की तस्वीरें वायरल हुई थीं। हालांकि, भारतीय सरकार और वायुसेना ने बताया कि वह तेल नहीं था, बल्कि कंडेंस्ड पानी था, जो एयरक्राफ्ट के Environmental Control System (ECS) और OBOGS (ऑन-बोर्ड ऑक्सीजन सिस्टम) से निकलता है। 

⚡इस विमर्श ने तेजस की विश्वसनीयता को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर ऐसे समय में जब भारत इसे निर्यात या बड़े ऑर्डर के लिए प्रस्तुत कर रहा है। 

⌛निराशा और चिंताएँ⌛

👉एयर शो की ग्लैमरस दुनिया में, यह हादसा न सिर्फ एक टेक्निकल दुर्घटना था, बल्कि राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर एक बड़ा धक्का था।

👉हजारों दर्शकों के बीच, एक शानदार प्रदर्शन मंच असमय मातम में बदल गया। यह हादसा यह दिखाता है कि एयर शो प्रदर्शन में जोखिम हमेशा मौजूद रहते हैं, विशेषकर जटिल घूर्णन, रोल या  (negative-G) मैन्युवर्स के दौरान।

👉यह दुर्घटना तेजस प्रोग्राम की सुरक्षा प्रक्रियाओं, विमान के प्रदर्शन सीमाओं और परिचालन नियंत्रण पर पुनर्विचार की मांग करती है।

🛑सोचने वाली बात आगे :-

यह हादसा भारतीय प्रतिरक्षा और विमानन उद्योग के लिए एक चौंकाने वाला सबक है। स्वदेशी विकास की क्षमता तो दमदार है, लेकिन सुरक्षा और भरोसेमंदता पर इससे जुड़ी चिंता भी बढ़ गई है।

👉कोर्ट ऑफ इनक्वायरी की जांच से मिले Result बेहद important होंगे — यह तय करेगा कि यह सिर्फ एक त्रासदी थी या कोई प्रणालीगत कमी थी।

👉भविष्य में एयर शो के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करना होगा, ताकि ऐसी प्रदर्शनी विमानों की योजना और प्रदर्शन अधिक सुरक्षित हों।

👉इसके साथ ही, तेजस कार्यक्रम को पुनर्समीक्षा की ज़रूरत है — न सिर्फ डिजाइन और निर्माण के स्तर पर, बल्कि परिचालन, रख-रखाव और पायलट ट्रेनिंग की दृष्टि से भी।

🔷दुबई एयर शो में तेजस जेट का यह हादसा न सिर्फ एक विमान दुर्घटना है, बल्कि स्वदेशी विमानन तकनीक के नेतृत्व और जिम्मेदारी की एक कसौटी है। यह याद दिलाता है कि पीड़ा और गर्व, दोनों एक ही मंच पर मौजूद हो सकते हैं — और टेक्नोलॉजी की उच्च उड़ान तभी सुरक्षित हो सकती है जब उसे गहरी संवेदनशीलता, कठोर निगरानी और जिम्मेदार संचालन के साथ विकसित और उपयोग किया जाए।

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