New : धर्मेंद्र नहीं रहे

 🔷धर्मेंद्र के निधन पर एक श्रद्धांजलि 🔷

बॉलीवुड का “ही-मैन” चला गया

⚡बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने 24 नवंबर, 2025 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वे 89 वर्ष के थे। उनकी मौत ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में बल्कि करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में शोक की लहर दौड़ा दी है। उनके जाने को कई लोग “एक युग के अंत” के रूप में देख रहे हैं। आइए उनकी ज़िन्दगी, करियर, उपलब्धियाँ और उनके निधन पर कुछ गहराई से बात करें।

💡. प्रारंभिक जीवन और संघर्ष



👉धर्मेंद्र का जन्म धर्मेंद्र केवल कृष्ण देओल नाम से पंजाब के एक ज़मींदार परिवार में हुआ था। उन्होंने छोटे-से गांव से निकलकर मुंबई का रुख किया, जहाँ उनका सफर आसान नहीं था। शुरुआती दिनों में उन्हें फिल्मों में सफलता पाने के लिए भरी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन उनकी प्रतिबद्धता और मेहनत ने उन्हें एक मजबूत अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया।

2. फिल्मी करियर और उपलब्धियाँ

👉धर्मेंद्र का करियर 1960 में शुरू हुआ। उनकी शुरुआत फिल्म Dil Bhi Tera Hum Bhi Tere जैसी फिल्मों से हुई, और जल्दी ही उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली। उनका अभिनय बेहद बहुमुखी था — रोमांटिक, एक्शन, कॉमेडी, सामाजिक नाटक — हर शैली में उन्होंने अपना जलवा दिखाया।

उनकी कुछ प्रमुख और यादगार फिल्में हैं:

👉शोले — शायद उनकी सबसे मशहूर फिल्म, जिसमें उन्होंने वीरू का किरदार निभाया था। इस फिल्म ने उन्हें पॉप कल्चर का हिस्सा बना दिया। 

👉मेरा गाँव मेरा देश, फूल और पत्थर, चुपके चुपके, आदि जैसी बहुत-सी फिल्मों में उनका अभिनय बहुत सराहा गया। 

👌उनका करियर छह दशकों से भी अधिक समय तक चला, और उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 

👉उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भushan सम्मान से भी नवाज़ा गया था। 

3. व्यक्तिगत जीवन

धर्मेंद्र का पारिवारिक जीवन भी उतना ही चर्चित रहा जितना उनका फिल्मी जीवन। उन्होंने प्रकाश कौर से शादी की और उनके बच्चों में सनी देओल, बॉबी देओल, ईशा देओल जैसे नामी अभिनेता भी शामिल हैं। बाद में उन्होंने अभिनेत्री हेमा मालिनी से भी शादी की। 

वे न सिर्फ एक अभिनेता थे बल्कि एक सरल और जमीन से जुड़े इंसान भी थे। उनकी सादगी, उनका पंजाबी स्वभाव और उनकी गर्मजोशी उनके चाहने वालों के बीच हमेशा याद की जाती रही।

4. आखिरी समय और निधन

अक्टूबर 2025 में, धर्मेंद्र को सांस लेने में तकलीफ के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

⚡रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी हालत बिगड़ी और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। 

⚡12 नवंबर को उन्हें अस्पताल से घर वापस लाया गया, जहां उनका इलाज जारी रखा गया। 

⚡अंत में, 24 नवंबर 2025 को उनका निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार का आयोजन पवन हैंस क्रेमेटोरियम में किया गया। 

⚡उनकी मौत पर कई बड़े राजनेताओं और फिल्म जगत की हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा कि उनका जाना “भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत” है। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें “भारतीय सिनेमा का एक स्तंभ” बताया। 

5. उनका अंतिम संदेश :

❤️उनका अंतिम इंस्टाग्राम पोस्ट उनकी सोच और भावनाओं का एक दर्पण रहा। उन्होंने लिखा था:

“Aajkal gham e Dauran se door gham e duniya se door……..apne hi nashe mein jhomta hoon।”

— यह पंक्तियाँ अब एक गहरे संकेत की तरह महसूस होती हैं, जैसे उन्होंने अपनी आत्म-चिंतनात्मकता और जीवन की नाजुकता को महसूस किया हो। 

❤️उनका यह पोस्ट कई फैंस के लिए विदाई जैसा बन गया और अब इसे उनकी “अंतिम कविता” कहकर याद किया जा रहा है।

6. विरासत और उनकी अहमियत

समय की परवाह न करते हुए काम: इतने लंबे करियर में धर्मेंद्र ने अलग-अलग पीढ़ियों के साथ काम किया और हर दौर में अपनी जगह बनाई।

👉रोल मॉडल: उनका सरल जीवन, उनकी सादगी और उनकी मेहनत कई लोगों के लिए प्रेरणा रही।




पॉप कल्चर आइकन: वे न सिर्फ बॉलीवुड हीरो थे, बल्कि “ही-मैन” का सिंबल बन गए — उनकी बदनशाय और करिश्मे ने उन्हें अमर बना दिया।


राजनीति और सामाजिक जुड़ाव: उन्होंने राजनीति में भी हिस्सा लिया और समाज-सेवा की ओर रुझान दिखाया।


💡 एक अलविदा, लेकिन यादें रहेंगी अमर

धर्मेंद्र का जाना एक युग का अंत है, लेकिन उनकी यादें, उनकी फिल्में, उनकी आवाज़ और उनकी मुस्कान हमेशा हमारे बीच रहेगी। उन्होंने न केवल फिल्मों में अपना योगदान दिया, बल्कि अपने चरित्र, अपनी इंसानियत और अपनी सरलता से लोगों के दिलों में एक अमिट पहचान बनाई।

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